* लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी – 6 जनवरी 2026, मंगलवार * संकष्टी के दिन चन्द्रोदय – 09:14 पीएम * चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – 6 जनवरी 2026 को 08:01 एएम बजे * चतुर्थी तिथि समाप्त – 7 जनवरी 2026 को 06:52 एएम बजे
* भगवान श्रीगणेश का आशीर्वाद, कष्ट को नष्ट करता है और इसीलिए सर्वकष्ट नष्ट करने के लिए अष्टविनायक यात्रा की जाती है. * इन स्वनिर्मित अष्टविनायक का धार्मिक विशेष महत्व है श्रीगणेशभक्त जीवन में जब भी अवसर मिलता है अष्टविनायक यात्रा अवश्य करते हैं. * महाराष्ट्र के इन आठ पवित्र मंदिरों की एक हजार किमी यात्रा पूरा करने के बाद ही भगवान श्रीगणेश के आठ दिव्य स्वरूपों के दर्शन होते हैं जिसे पूरा करने में करीब तीन दिन का समय लगता है. * अष्टविनायक यात्रा मोरगांव से शुरू होती है और वहीं आकर संपूर्ण होती है. * अष्टविनायक यात्रा के दौरान बीच में घर नहीं जाते हैं तथा पवित्र मूर्तियों के प्राकट्य के क्रम के सापेक्ष ही अष्टविनायक की यात्रा होती है. * इस यात्रा के अष्टविनायक मंदिर है- श्री मयूरेश्वर मंदिर, मोरगांव, सिद्धिविनायक मंदिर, सिद्धटेक, श्री बल्लालेश्वर मंदिर, पाली, श्री वरदविनायक, महाड, चिंतामणि, थेऊर, श्री गिरजात्मज, लेन्यादरी, विघ्नेश्वर गणपति मंदिर, ओजर और महागणपति मंदिर, रांजणगाव. * जो श्रद्धालु संकष्टीचतुर्थी का व्रत करते हैं उन्हें अवसर मिलने पर अष्टविनायक यात्रा करनी चाहिए!