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Pradeep Dwivedi

MoVACon सम्मेलन में NSIT के प्राचार्य प्रो. सैलेश अय्यर ने प्रस्तुत किया एआई आधारित सड़क सुरक्षा मॉडल!

अहमदाबाद l अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के तत्वावधान में ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा विषय पर प्रतिष्ठित MoVACon सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ l कार्यक्रम में नरनारायण शास्त्री इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी का प्रतिनिधित्व करते हुए संस्थान के प्रिंसिपल एवं प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर सैलेश अय्यर ने  कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने यह दर्शाया कि किस प्रकार आधुनिक एआई तकनीकें सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात प्रबंधन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

एआई आधारित वैश्विक केस स्टडीज़ की प्रस्तुति अपने व्याख्यान “वैश्विक सड़क सुरक्षा में एआई – केस स्टडीज़ और भविष्य की शोध प्रवृत्तियाँ” के अंतर्गत प्रो. अय्यर ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उदाहरणों को विस्तार से समझाया।

उन्होंने बताया कि BOSCH ने भारत के विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर दुर्घटना उपरांत (post-crash) डेटा का एआई द्वारा विश्लेषण किया, जिससे दुर्घटनाओं के मूल कारणों की पहचान कर सड़क डिज़ाइन में सुधार जैसे रंबल स्ट्रिप्स और संरचनात्मक संशोधन किए गए।

चीन के हांगझोउ शहर में अलीबाबा के City Brain प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नल अनुकूलन और निगरानी प्रणाली से ट्रैफिक जाम में कमी आई तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में सुधार हुआ।

उन्होंने Tesla Autopilot का उल्लेख करते हुए बताया कि यह प्रणाली लेन कीपिंग, एडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल और टक्कर से बचाव जैसी सुविधाओं के माध्यम से ड्राइवर की सहायता करती है।

साथ ही, Highways England द्वारा एआई आधारित सीसीटीवी और सेंसर डेटा के उपयोग से हाईवे पर संभावित दुर्घटनाओं की पूर्व पहचान कर उन्हें रोकने की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया।

इन सभी उदाहरणों के माध्यम से प्रो. अय्यर ने यह स्पष्ट किया कि एआई केवल सैद्धांतिक अवधारणा नहीं है, बल्कि वास्तविक जीवन में प्रभावी रूप से जान बचाने का कार्य कर रहा है।

भारत में सड़क दुर्घटना के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुति के दौरान उन्होंने भारत के राज्यवार सड़क दुर्घटना आंकड़ों को प्रदर्शित करते हुए बताया कि देश में प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में होती है। उन्होंने दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों को तीन भागों में विभाजित कर समझाया जिसमें मानव एवं व्यवहारिक कारण के तहत ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग, ध्यान भटकना, चालक की थकान है इसी तरह अवसंरचना संबंधी समस्याएँ में खराब सड़क डिज़ाइन, क्षतिग्रस्त सड़कें है और वाहन एवं प्रणालीगत कारण में खराब रखरखाव, नियमों का कमजोर क्रियान्वयन है l

उन्होंने इन चुनौतियों को एआई आधारित समाधानों से जोड़ते हुए बताया कि डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली इन समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकती है।

एआई कैसे बचाता है जान इस बारे मे प्रो. अय्यर ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि एआई का कई तरीकों से सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाता है जिसमें रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग, ड्राइवर व्यवहार विश्लेषण, ट्रैफिक सिग्नल अनुकूलन, दुर्घटना की पूर्वानुमानित विश्लेषण, स्वचालित आपातकालीन सुविधाएँ, स्मार्ट घटना पहचान प्रणाली आदि है l 

उन्होंने बताया कि एक समन्वित एआई प्रणाली दुर्घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से ही उन्हें रोकने की क्षमता रखती है।

अपने व्याख्यान के अंतिम चरण में उन्होंने भविष्य की शोध दिशाओं पर प्रकाश डाला, जिनमें सभी वाहनों के लिए उन्नत ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और स्वचालन स्वचालित ट्रॉमा प्रबंधन प्रणाली वाहनों में मानव गतिविधि पहचान, दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों का विशेष वर्गीकरण, महत्वपूर्ण राजमार्गों पर सुदृढ़ दुर्घटना प्रबंधन प्रणाली है l 

MOVOCON सम्मेलन में प्रो. सैलेश अय्यर की प्रस्तुति अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने अपने ज्ञान, शोध दृष्टिकोण और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि एआई आधारित समाधान भारत सहित विश्वभर में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। उनकी भागीदारी ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार पुनः स्थापित किया।

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