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कला, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री…. कत्थक कराता है भगवान कृष्ण से साक्षात्कार!

जयपुर. कत्थक में ‘फुटवर्क‘ और रिदम जब चरम पर होता है तो पराकाष्ठा के इस स्तर यह भगवान कृष्ण से साक्षात्कार कराता है। कत्थक के जरिए भगवान की आराधना होती है, यह ईश्वर को प्रसन्न करने का माध्यम भी है। 
यह बात प्रदेश के कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री डा. बी. डी. कल्ला ने जयपुर के विद्याश्रम स्कूल में इंडिया इंटरनेशनल स्कूल ऑफ कत्थक डांस एंड म्यूजिक द्वारा आयोजित कत्थक और शास्त्रीय नृत्यों पर आधारित कार्यक्रम ‘तत्कार 2019-20‘ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व चेयरमैन महेश के पंवार ने की। 
डॉ. कल्ला ने कहा कि अमेच्योर आर्टिस्ट के दम पर ही हमारी संस्कृति जिंदा है और निरंतर पुष्पित और पल्वित हो रही है। उन्हें सदैव अमेच्योर आर्टिस्ट के बीच आकर और उनकी प्रस्तुतियों को देखकर अच्छा लगता है। 
कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री कहा कि कृष्ण भगवान गीता के माध्यम से ‘वर्क इज वर्कशिप‘ का संदेश देते है। सभी क्षेत्रों में कर्म की पूजा होती है। गीत-संगीत, नृत्य और कला के क्षेत्र से जुड़े लोग इसी फार्मूले को अपनाकर संस्कृति को जिंदा रखने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि संस्कृति में मिलावट बहुत खराब होती है, इससे बचा जाना चाहिए। हमारी गौरवपूर्ण संस्कृति की संवाहक बन विशुद्ध रूप से इसे प्रोत्साहित और आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही ‘इंडिया इंटरनेशनल स्कूल ऑफ कत्थक डांस एंड म्यूजिक‘ जैसी संस्थाएं बधाई की पात्र है।
डॉ. कल्ला ने कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों कर सराहना करते हुए कहा कि कृष्ण वंदना एवं माखन चोरी पर आधारित डांस सीरिज में मां की ममता की झलक दिखाई दी और ऎसा लगा की भगवान कृष्ण ठुमक रहे है। उन्होंने कहा कि संस्था के विद्यार्थी मां सरस्वती के चरणोें में साधना करते हुए संस्कृति की रक्षा की दिशा में योगदान दे रहे हैं। 
कार्यक्रम में डॉ. कल्ला, श्रीमती शिव कुमारी कल्ला और महेश के. पंवार ने संस्था के जरिए कत्थक कोर्सेज के प्रथमा, मध्यमा सहित अन्य भागों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। कार्यक्रम में ‘चरी नृत्य‘, पंजाबी डांस और घूमर के अलावा पंचम सवारी, रूपक, रेटरो थीम, तीन ताल, चौताल जैसी कत्थक शैलियों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम में श्वेता गर्ग और आलोक सहित कला प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

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